रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल टल गई है। रविवार को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य मंत्री के साथ मांगों को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद संगठन ने हड़ताल को 7 दिन के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों की विभिन्न मांगों के समाधान के लिए 7 दिन का समय मांगा है। JDA के मुताबिक, इस दौरान डॉक्टर नियमित ड्यूटी करते रहेंगे और अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं जारी रहेंगी। अब संगठन की अगली रणनीति 28 सितंबर के बाद तय होगी।
स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई मांगों पर चर्चा
JDA के प्रतिनिधिमंडल और स्वास्थ्य मंत्री के बीच हुई बैठक में संगठन की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
JDA ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के निराकरण के लिए जरूरी प्रक्रिया और कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए 7 दिन का समय मांगा है। मंत्री के आश्वासन के बाद संगठन ने तत्काल हड़ताल पर जाने का फैसला टाल दिया।
संगठन का कहना है कि वह सरकार के साथ बातचीत के जरिए मांगों का समाधान चाहता है।
डॉक्टरों की सेवाएं रहेंगी जारी
हड़ताल स्थगित होने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर अपनी नियमित ड्यूटी करते रहेंगे। इससे मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं भी जारी रहेंगी।
JDA ने भी स्पष्ट किया है कि मांगों के समाधान के लिए सरकार के साथ बातचीत जारी रखते हुए मरीजों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
हड़ताल टली, लेकिन विरोध जारी रहेगा
अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल स्थगित है, लेकिन JDA ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने का फैसला किया है।
संगठन के अनुसार, इस दौरान ब्लैक रिबन प्रोटेस्ट, कैंडल मार्च, रैली और अन्य शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए डॉक्टर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखते रहेंगे।
7 दिन बाद फिर तय होगी रणनीति
JDA को उम्मीद है कि सरकार 7 दिन के भीतर मांगों के समाधान को लेकर ठोस कदम उठाएगी। संगठन ने कहा है कि तय समय में अपेक्षित समाधान नहीं होने पर जनरल बॉडी की बैठक में आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
ऐसी स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल समेत अन्य आंदोलनात्मक कदमों पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल डॉक्टर नियमित सेवाएं जारी रखेंगे।
मरीजों की सेवा और मांगों के समाधान पर नजर
JDA ने कहा है कि डॉक्टरों की मांगों के साथ-साथ मरीजों के हित और चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता भी प्राथमिकता है। अब अगले 7 दिनों में सरकार की ओर से मांगों पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
28 सितंबर के बाद संगठन सरकार के जवाब और मांगों की स्थिति की समीक्षा कर आगे का फैसला करेगा।