रायपुर/अंबिकापुर। अंबिकापुर में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बीच मुलाकात के दौरान सियासी हास्य-परिहास और दोनों नेताओं के बीच मुस्कुराहट का वीडियो खबर में वायरल हो रहा है।
क्या है मामला
असल में बुधवार को भूपेश बघेल कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। शिविर से निकलने के दौरान टीएस सिंहदेव ने भूपेश बघेल को अपने घर कॉफी के लिए चलने को कहा। उस वक्त बघेल पूर्व मंत्री और समर्थक अमरजीत भगत के साथ शंकरगढ़ जाने के लिए निकल रहे थे।
तब उन्होंने सिंहदेव से पूछा कि, कहाँ आना है, ‘तपस्या’… तब सिंहदेव ने मुस्कुराते हुए अंदाज में कहा कि, ‘तपस्या’ को तो बेच रहे हैं, कहाँ से काम चलेगा। बता दें कि ‘तपस्या’ सिंहदेव का आवास है। सिंहदेव के इतना कहते ही दोनों मुस्कुराने लगे।
सियासी मुस्कुराहट के पीछे बड़ा संकेत
असल में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव पिछले चुनाव में सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे थे। बाद में राहुल गांधी की मौजूदगी में दिल्ली में दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद भूपेश बघेल को आलाकमान ने सीएम बनाने का ऐलान कर दिया।
हालांकि, कई बार पार्टी और सार्वजनिक मंचों पर सिंहदेव दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा का हवाला देकर ढाई-ढाई साल के सीएम पद की बात उठाते रहे। मगर भूपेश बघेल ने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया। आने वाले विधानसभा चुनाव में दोनों नेता सीएम पद की दौड़ में हैं।
अब जानिए मुस्कुराहट के पीछे की खबर
असल में यह बातचीत अनौपचारिक और हास्यपूर्ण अंदाज में बोली गई लगती है। लेकिन इशारों-इशारों में ‘तपस्या’ को बेचने की बात कहकर सिंहदेव ने बघेल को अपना इरादा बता दिया कि वे आने वाले चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। ‘तपस्या’ को बेचने की बात इसी का संकेत है।
बता दें कि टीएस सिंहदेव सरगुजा स्टेट के महाराज हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, वे छत्तीसगढ़ के सबसे अमीर कांग्रेस विधायक हैं। बिना वजह ‘तपस्या’ को बेचने की बात के पीछे जो सियासी इशारा है, वह उनके समर्थक और खुद बघेल समझ चुके हैं। देखना होगा कि आने वाले दिनों में बात कहाँ जाकर रुकती है।
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