इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में शनिवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से शिक्षा, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। छात्रों ने परीक्षा में देरी, रिजल्ट और पेपर लीक जैसी समस्याएं उनके सामने रखीं।
नर्सिंग छात्रा याशिका दानी ने बताया कि एडमिशन के समय चार साल में कोर्स पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षाएं समय पर नहीं होने से डिग्री पूरी नहीं हो पा रही है। छात्रों की समस्याएं सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा, “शिक्षा लग्जरी नहीं, छात्रों का अधिकार है।”
राहुल गांधी बोले- छात्र सवाल पूछता है, इसलिए सिस्टम डरता है
राहुल गांधी ने छात्रों के सवाल पूछने की आदत को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि छात्र जिज्ञासु होता है और सवाल पूछता है। इसी वजह से सिस्टम उससे डरता है।
इसी दौरान उन्होंने कहा, “सिस्टम छात्र नहीं अंधभक्त चाहता है।”
राहुल गांधी ने आगे ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति में नफरत, अहंकार और डर होता है। उन्होंने महिलाओं के अपमान और झूठ जैसे आरोप भी लगाए। यह उनके राजनीतिक विचार और आरोप हैं।
भर्ती परीक्षाओं और रोजगार का मुद्दा उठा
कार्यक्रम में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में देरी और खाली पदों से जुड़ी परेशानियां भी सामने रखीं। परीक्षा और रिजल्ट समय पर नहीं आने का असर छात्रों की पढ़ाई और करियर पर पड़ने की बात कही गई।
राहुल गांधी ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े सवालों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने छात्रों से इन मुद्दों पर सवाल पूछते रहने की अपील की।
मोदी-शाह समेत कई नामों का जिक्र
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल, मोहन भागवत, गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का भी जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश की कई संस्थाओं पर प्रभावशाली लोगों का नियंत्रण है। हालांकि, ये राहुल गांधी की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
छात्रों से बोले- निडर होकर सवाल पूछें
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के भीतर जिज्ञासा होती है और यही उन्हें सवाल पूछने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उनका मुख्य संदेश छात्रों से सवाल पूछते रहने और अपनी बात निडर होकर रखने को लेकर रहा।